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#व्यंग्य हल तो बैल जोतेगा - पक्ष और विपक्ष सिर्फ चुनावी वादे करेंगे

मामला तनते जा रहा था।  तनना था भी क्योंकि चुनाव नजदीक आ रहें थे। पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने आप में कन्फ्यूज्ड थे। पक्ष कन्फ्यूज्ड था कि दूसरी बार विजय मिलेगी या नहीं और विपक्ष कन्फ्यूज्ड था कि दूसरी बार हार गए तो अगला चुनाव लड़ने का फण्ड तक जुगाड़ना मुश्किल होगा।

चुनाव की इस गरमागरमी में बखानू बबा और उजागिर चच्चा भी शामिल थे। एक ने पक्ष के साथ खड़ा होना सही समझा तो दूसरे को लगा देश के साथ वही खड़ा है जो विपक्ष के साथ खड़ा है। 

"चुनाव तो पक्ष वाले ही जीतेंगे,  इतना काम किया है। घर - घर बिजली का तार पहुँचा दिया।"

उजागिर चच्चा को यह बात बिलकुल पसंद नहीं आई।  टन्न से जवाब दिया  - बिजली के तार पर लोग कपड़ा सुखाएगा क्या? बिजली भी तो देनी चाहिए। 

"देखा उजागिर, बहुत अधिक नेता बनने की जरुरत नहीं है। विपक्ष सत्तर साल सत्ता में था, तब तो कुछ खास उखाड़ नहीं पाया। अरे एक ढंग का युवराज तो पैदा नहीं कर पाया। देश का क्या भला करते।'

तवा गरम देखकर बुनैले भी अपनी रोटी सेंकने कूद पड़ा। 

"और नहीं तो का, हम भी इस बार पक्ष की पार्टी को ही वोट देंगे।"

उजागिर चच्चा ने तुरंत बुनैले के विरोध को धराशाही करते हुए कहा, "यदि उनकी पार्टी से दो जून की रोटी और बच्चों की फीस के पैसे मिले तो उन्ही के साथ खड़े हो जाओ।"

बुनैले समझ गया कि बाबूजी के सामने उसका दांव उल्टा पड़ चुका है। 

"इस देश में एक बाप ने बेटे से स्वतंत्र वोट देने का अधिकार भी छीन लिया है।"

उजागिर चच्चा ठहाका मारते हुए बोले - बेटा जिस दिन मेहरारू का लूगा खरीदने भर का कमा लोगे सारा अधिकार मिल जाएगा। तब तक चुप खड़े रहने में ही तुम्हारी भलाई है। 

बखानू बबा ने पान की पीक थूकते हुए कहा - इस चुनाव के बाद जो रोजगार सृजन होगा, उसमे सबसे पहले बुनैले को नौकरी दिलवाई जाएगी। 

"पिछली बार भी यही सब बोलकर पक्ष वाले चुनाव जीते थे।"

"अरे उजागिर चुनाव जीतने के लिए वायदे तो करने पड़ते हैं लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए लगातार चुनाव जीतना जरुरी है।"

मुँह में पानी लेकर कुल्ला करते हुए बखानू बबा बोले - अब चलो खेत में थोड़ा काम कर आए क्योंकि हल तो हमें ही जोतना है।  पक्ष - विपक्ष तो सिर्फ वायदा करेंगे हल जोतने का। 

बुनैले ने उछलते हुए कहा - हल तो वैसे भी बैल जोतेगा, आप तो वहाँ भी बैल से बकलोली करोगे। 

उजागिर चच्चा ने बुनैले को एक कंटाप देते हुए कहा - जाकर पगहा लेते आओ और बरारी भी साथ ले आना।  

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