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क्रिसमस गिफ्ट

बचपन में हैण्ड वीडियो को देखकर सभी बच्चों के मन में उसे पाने की उम्मीद जाग उठती थी। उसकी वो टीं -  टीं -  टीं  टीं करती हुई धुन अभी कानों में गूँज उठती है। "क्रिसमस गिफ्ट" ऐसे ही एक बच्चे सोनू की कहानी है जो सेंटाक्लोज़ से क्रिसमस गिफ्ट में हैण्ड वीडियो गेम पाना चाहता है। 


दहिसर के स्लम में रहने वाला सोनू इस बात से अनभिज्ञ है कि मोज़े में गिफ्ट कौन डालता है? वो तो बस अपना मोजा लटका देता है, क्योंकि उसे पता चला है कि क्रिसमस के दिन सेंटाक्लॉज बच्चों के लटकाए हुए मोज़े में गिफ्ट दाल जाता है। 

वहीं सोनू का दोस्त उसे माइकल का पुतला बनाकर चंदा जमा करने का आईडिया दे देता है।  सोनू हर हाल में वीडियो गेम पाना चाहता है तो, वो वह सब करने के लिए तैयार है जिससे वीडियो गेम मिल सके।

सोनू की इस वीडियो गेम पाने की यात्रा में हम उसके दोस्त अमजद से मिलतें हैं जो बहुत ही नटखट है और चोरी - चमारी से उसे कोई गुरेज नहीं है। अमजद चुराकर वीडियो गेम देने की पेशकश सोनू के सामने रख देता है लेकिन सोनू इस तरह से वीडियो गेम नहीं लेना चाहता है। 

यह कहानी धर्म - मजहब के दिखावे को भी छूती है। 

अब यह पढ़ना रोचक होगा कि सोनू को वीडियो गेम कैसे मिलता है?

या मिलता भी है, या नहीं ?

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